छोटू दादा रिक्शावाला。 छोटू की रिक्शा वाली

Comedian Chotu Dada Video Chotu ki Tam Tam Viral Trending On YouTube

छोटू दादा रिक्शावाला

Using it you can search the videos also and can play them too before downloading. इतना बड़ा बड़ा बात कहने के पहले 26 जनुअरी को लागू हुआ संविधान के अनुसार 50 %भी बात करो वरना कहना पड़ेगा , गजब के शरीफ और सेक्युलर हो आपलोग ……. त्याची उंची केवळ ३ फूट ९ इंच आहे. इंतज़ार कीजिए सिर्फ 15-20 वर्ष और …. संगीता: संदेह करते हुए पक्का? इस्लाम से पहले इसके पूर्वज भारतवासी थे. दोहरे मापदंडों मे अंतर्विरोध उजागर होंगे ही. मैं: अरे यार हम दोनों उससे मिलते हैं? कुछ नहीं कर सकते। आपने ये मान लिया है कि जो पाकिस्तान के हिन्दू हैं वो भेड़िये के सामने पड़ी लाश हैं। आज नहीं तो कल भेड़िया उसे खायेगा ही। वरना, कम से कम भारत सरकार का विदेश मंत्रालय तो इन मामलों में हस्तक्षेप करता ही। लेकिन कैसे करेगा? एके दिवशी त्याच्या एका मित्राने पार्टी आयोजित केली होती. वे लोग जो खुद के विकास सूचकांक को बढ़ाते रहे लेकिन साथ में रहने वाले मुसलमानों की सुध भी न ली।कभी फर्जी इनकाउंटर तो कभी दंगे। यही नियति बना दी गई हमारी। बुद्धिजीवियों से लेकर क्रांतिकारियों तक ने कभी नहीं सोचा कि मुसलमान इस देश में भयभीत क्यों रहता है। क्या बेहतर माहौल बनाने की ज़िम्मेदारी उनकी नहीं है जिनके अपने लोगों, नेताओं के द्वारा ऐसे हालात बना दिए गए जिससे हर तरह की समस्या सामने आ खड़ी हुई।आज भी लाखों की तादाद में मुस्लिम बच्चे मदरसा तो छोड़िए, बेसिक स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। मुद्दा होना चाहिए था उन बच्चों को तालीमयाफ्ता कैसे बनाया जाए लेकिन विडंबना देखिए लोग बात कर रहे हैं मदरसे होने चाहिए या नहीं। मदरसों के प्रति ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि वहां कोई जाए ही न। ठीक है। न जाए। तो करे क्या। कहां जाए। कान्वेंट स्कूल? बहरहाल ३५ महीने बाद हीं पाकिस्तान बन गया. क्यूँकि मुझे पता है ये अगर मेने यह बात नहि बोली तो कोई और भी नहि बोलेगा…. रश्मि ने एनसीआर के एक नामी कालेज से प्रबंधकीय में डिग्री प्राप्त की और संयोग से कुछ समय पश्चात उसी कालेज में अध्यापिका की नियुक्ति भी प्राप्त की! संगीता: पर उसका फोन स्विच ऑफ है? क्या योगी आदित्यनाथ को इस वेबसाइट के मंच पर जाने की सलाह देने वालों को, ————— का इतिहास पता है? हिन्दी टाकीज-6 हिन्दी टाकीज में इस बार रवि रतलामी. उन्होंने सुबकते हुए कहा और मैंने हाँ में गर्दन हिलाई माँ: अरे बहु. जब हमें साथ-साथ ही रहना है तो क्यों नहीं उदारता, सहिष्णुता और एक दूसरे के धर्मों के प्रति सम्मान के साथ रहा जाय? तर्क-वाक्य के विस्तार की प्रक्रिया के तहत यह कहा जा सकता है कि पाकिस्तान का मुसलमान हमला करे तो वह जायज है क्योंकि वह भाई है. अगर हम ७२ भी है तो लाखों का जनाजा निकाल सकते हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो यूट्यूब पर कितने पॉपुलर हैं. छोटू दादा का यूट्यूब चैनल है, जिसका नाम खानदेशी मूवी है. त्यानंतर तो युट्युबवर लोकप्रिय होऊ लागला. फिर मैं ही अकेला क्यूँ एन्जॉय करूँ. हफ़्तों से बगैर नहाय-धोये घूमते जेहादी मुस्टंडे जर्मन मासूम लड़कियों का वैसे ही शिकार कर रहे हैं,जैसे बिल्ली कबूतर का करती है! और सुलह न भी करो तो कम से कम अपना कोई मुख़्तार अब्बास या मोहसिंन रज़ा यज़ीद के पास भेज दो जो चाटने में निपुड़ हो……ऐसा नही है की भारतीय शियों ने कोई क़ुरबानी नही दी है… कैफ़ी आज़मी, अली सरदार जाफ़री, सज्जाद ज़हीर, मूनिस रज़ा और राही साहब जैसे दसियों लोग हुए हैं जिन्होंने वक़्त वक़्त पर सरकारों से मोर्चे लिए हैं…. वैसे मुझे लगता है, सोशल मीडिया पर ताबिश एक बड़ा नाम बन गया है तो रवीश भी इससे अंजान तो नही ही होंगे. उनके कार्य और योगदान के हम सभी कृतज्ञ हैं. आम मुस्लिम हिन्दू त्योहारो में धार्मिक कर्मकांड छोड़ के बढ़ चढ़ के हिस्सा लेता रहा है , हिन्दुओ त्योहारो में भी पटाखों , रंगो ,दियो में खर्च करता रहा है , कई रंगोली भी बनाते है तो कुछेक सजाते भी है मतलब हिन्दुओ के तरह उनके फेस्टिवल को मनाते है , लेकिन नगण्य हिन्दू मुस्लिम त्योहारो को मुस्लिम की तरह मनाता है , ना इतिहास में हिन्दू रजवाडो ने किया ना ही वर्तमान में हिन्दू ऐसा करते है । ये एकतरफा भाईचारा को दोतरफा बनाने का वक़्त आ गया ही , हिन्दुओ को चाहिए के जिस तरह उनके त्योहारो के लिए अपने धर्म से थोडा बहुत कोम्प्रोमाईज़ करके उनको साथ देता है वो भी अब ये सब शुरू करे । बाकी कहने को तो हिन्दू धर्म में कोई रोक नही और दावा किया जाता है के मुस्लिम से कम सख्ती है हिन्दुओ में फिर भी हिन्दुओ का रेश्यो हमेशा से कम या नगण्य रहा है । सामाजिक आर्थिक तौर पे भी बुरा हाल कर दिया शातिर हिंदूवादी कांग्रेस और स्वघोषित ने । ये निजामुद्दीन दरगाह की तस्वीर है इस तरह कई दरगाहो को सजाया जाता है तो कई दरगाहो में होली इत्यादि भी खेला जाता रहा है। लेकिन मेरी जानकारी में कोई भी ऐसा मठ या मंदिर नही है जहा किसी भी मुस्लिम त्यौहार को किसी भी तरह सेलिब्रेट किया जाता है । अगर आपकी जानकारी में तो बताने का कष्ट करे ।Sarfraz Katihari 19 October at 18:30 · कुछ महात्माओ को इस बात से दिक्कत हो गयी के मैंने पूछ लिया मुस्लिम इतिहास से वर्तमान तक हिन्दू धार्मिक त्योहारो में भागीदारी किया जब मुस्लिम रूलिंग क्लास थे तो उन्होंने राजकीय तौर पे भी इसको मनाया लेकिन इतिहास में कभी ना हिन्दू रजवाडो ने ऐसी मिसाल पेश की और आज भी हिन्दू मुस्लिम की तुलना में मुस्लिम त्यौहार को कम मनाते है , अपने पॉकेट से कम खर्च करते है तो इस बात को एडमिट करते हुए भी लेकिन शातिर हिंदूवादी मतलब भारतीय वामी और कांग्रेस जैसे पार्टियो के प्रोपेगंडा के शिकार होशियार लोग कहने लगे के मुस्लिम के फेस्टिवल में सेलिब्रेट करने वाली क्या चीज़ है? मैं: I'll take that as a complement! इनके एक वीडियो 50 मिलियन से भी ज्यादा व्यूज मिला था. हिंसा का तांडव अभी चल हीं रहा था। संविधान सभा को अपना अपना कार्य करते हुए कोई एक साल से ज्यादा हो चुके थे. अंततः जब छोटू ने स्पाइडरमैन फ़िल्म देखने के नाम पर खाना पीना बंद कर बुक्के फाड़कर रोना पीटना शुरू कर दिया कि उनके पापा-मामा तीन मर्तबा वादा करने के बाद भी स्पाइडरमैन दिखाने नहीं ले जा रह… मुंबई के जिंदादिल चरित्र ऐसी फिल्मों में कथानक नहीं रहता। चरित्र होते हैं और उनके चित्रण से ही कथा बुनी जाती है। हालांकि फिल्म के पोस्टर पर पांच ही चरित्र दिखाए गए हैं, लेकिन यह छह चरित्रों की कहानी है। छठे चरित्र सुनील कदम को निभाने वाला कलाकार अपेक्षाकृत कम जाना जाता है, इसलिए निर्माता ने उसे पोस्टर पर नहीं रखा। फिल्म के निर्देशक निशिकांत कामत हैं और वे सबसे पहले इस उपक्रम के लिए बधाई के पात्र हैं कि आज के माहौल में वे ऐसी भावनात्मक और जरूरी फिल्म लेकर आए हैं। 11 जुलाई 2006 को मुंबई के लोकल ट्रेनों में सीरियल बम विस्फोट हुए थे। एक बारगी शहर दहल गया था और इसका असर देश के दूसरे हिस्सों में भी महसूस किया गया था। बाकी देश में चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं, लेकिन अगले दिन फिर मुंबई अपनी रफ्तार में थी। लोग काम पर जा रहे थे और लोकल ट्रेन का ही इस्तेमाल कर रहे थे। मुंबई के इस जोश और विस्फोट के प्रभाव को निशिकांत कामत ने विभिन्न चरित्रों के माध्यम से व्यक्त किया है। उनके सभी चरित्र मध्यवर्गीय और निम्न मध्यवर्गीय परिवेश के हैं। न जाने क्यों उन्होंने शहर के संपन्न और सुरक्षित तबके के चरित्रों को … डर लगा राम गोपाल वर्मा के लिए फूंक डराती है। यह डर फिल्म देखने के बाद और बढ़ जाता है। डर लगता है कि राम गोपाल वर्मा और क्या करेंगे? त्यांतर एके दिवशी दिग्दर्शकाने एका छोट्याश्या भूमिकेसाठी छोटू दादाला बोलावले. लेकिन सबसे बड़ा सवाल, रवीश मुस्लिम कट्टरपंथ के विषय की गहराई मे जाना चाहते हैं या नहीं. उन्होंने मुझे केक खिलाया और मेरे गले लग गईं मुझे भी शरारत सूझी और मैंने एक पीस उठा के उनके होंठ गाल और नाक तक को केक की वाइट क्रीम से रंग डाला सब हंसने लगे! इस वामपंथ को भी समझा जाना चाहिए? छोटे कस्बेनुमा जर्मन शहर भी जो प्राकृतिक सुंदरता और सफाई के उदाहरण थे,नरक बन चुके हैं! लेकिन उन्हें भी अपनी जाति से बाहर आना पड़ा या जाती ने उन्हें ख़ुद दूर कर दिया…. Using GenYoutube you can download any type of videos from the Youtube. यादवों, कुशवाहाओं, कुर्मियों, शाक्यों, नाऊ तेली, धोबी, जुलाहे वग़ैरह वहैरह …. यूट्यूब पर मिल रही अपार सफलता के बाद छोटू दादा एक के बाद एक कॉमेडी वीडियो रिलीज कर रहे हैं. भीड़ हाथ उठाकर कहती है —- नाला-ए -तदबीर , अल्लाहोअक्बर. अगला पीस वो मुझे खिलने वाई थीं पर मैंने वो पीएस नेहा को खिलने को कहा; नेहा: उम्. याने धार्मिक रिश्ता वैश्विक है और वह जहाँ की मिटटी में सांस ली है उसके रिश्ते पर भारी पड़ती है. ह्याच वर्षी छोटू दादाचे लग्न झाले आहे. बचपन की सुहानी यादो की खुमारी अभी भी टूटी नही है॥ जवानी की सतरगी छाँव गोरखपुर,बलिया,आज़मगढ़, इलाहाबाद, और दिल्ली मे. यह नेता दुनिया के मुसलमानों को अपना भाई मान रहा है पर वह जिससे खून का रिश्ता रहा है या जिस मिट्टी में पला है उसी को चुनौती दे रहा है. ऐसा नहीं है कि दक्षिणपंथ पर लिखने वालों को तरजीह नहीं दी जाती, उन्हें नहीं पढ़ा जाता, लेकिन सच यह है कि दक्षिणपंथ में अधिकतर लोग अध्ययन और विश्लेषण की जहमत ही नहीं उठाते. संगीत सोम ताज महल पर कुछ भी बकेगा और उसका जवाब ओवैसी से लिया जायेगा? छोटू दादा मध्ये एक खास वैशिष्ट्य होते कि तो लहानपणापासूनच लोकांना सहज हसवायचा. She got a bit aroused with that. नए-नए टॉपिक पर कॉमेडी वीडियो बनाने वाले छोटू दादा Chotu Dada उर्फ शफीक के इस वीडियो को भी लोगों का खूब प्यार मिल रहा है. कुछ ने आरक्षण को पूजा पद्धति से जोड़ दिया! जो इन कथित शरणार्थियों की हर तरीके से कूटनीतिक, सामरिक और भावनात्मक मदद करते हैं! सलमान खान Salman Khan की 'दबंग 3 Dabangg 3 आज ही रिलीज हुई है. इन हिंदुओं के जबरन धर्म-परिवर्तन की घटनाए भी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं मे प्रकाशित हुई है. छोटू दादा का भी एक यूट्यूब चैनल है, जिसका नाम खानदेशी मूवी है. कुल मिलाकर अभिषेक बच्चन फरदीन खान बनने से एक कदम दूर हैं, हालांकि दूसरा पैर केले के छिलके पर टिका है, मगर चूंकि ऐश्वर्या रॉय के साथ इज़्जतदार तरीके से घूमते हैं, इसलिए मामला किसी तरह हाथ में है. पर जिन्ना को ब्रितानी हुकूमत की शह थी. और मुझे कौन सा कार पार्क करनी थी. वैसे करने को तो मैं बस एक restaurant में उन्हें और बच्चों को not to mention की मैं अपने माता-पिता को भी साथ ले जाता खाना खिलता and birthday treat was over. उनके नाम नहीं लूँगा, अन्यथा खामख्वाह और विज्ञापन हो जाएगा… वामी-कांगी-छिछोरी और दुष्प्रचार फैलाने वाली, मोदी विरोधी वेबसाईटों को हर राष्ट्रवादी जानता है. बहुत ना-नुकुर के बाद राजी हो गईं। चार घंटे की फिल्म, तिस पर वैजयंती माला के नहाने का … 'पहली सीढ़ी' निर्देशकों के इंटरव्यू की एक सीरिज है। मेरी कोशिश है कि इस इंटरव्यू के जरिए हम निर्देशक के मानस को समझ सकें। पहली फिल्म की रिलीज के बाद हर निर्देशक की गतिविधियां पत्र-पत्रिकाओं और टीवी चैनल के माध्यम से दुनिया के सामने आ जाती हैं। हम पहली फिल्म के पहले की तैयारियों में ज्यादा नहीं जानते। आखिर क्यों कोई निर्देशक बनता है और फिर अपनी महत्वाकांक्षा को पाने के लिए उसे किन राहों, अवरोधों और मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। आम तौर पर इस पीरियड को हम 'गर्दिश के दिन' या 'संघर्ष के दिन' के रूप में जानते हैं। वास्तव में यह 'गर्दिश या 'संघर्ष से अधिक तैयारी का दौर होता है, जब हर निर्देशक मिली हुई परिस्थिति में अपनी क्षमताओं के उपयोग से निर्देशक की कुर्सी पर बैठने की युक्ति में लगा होता है। मेरी कोशिश है कि हम सफल निर्देशकों की तैयारियों को करीब से जानें और उस अदम्य इच्छा को पहचानें जो विपरीत स्थितियों में भी उन्हें भटकने, ठहरने और हारने से रोकती है। सफलता मेहनत का परिणाम नहीं होती। अनवरत मेहनत की प्रक्रिया में ही संयोग और स्वीकृति की कौंध है सफलता. आजच्या घडीला त्याची महिन्याची कमाई लाखोंच्या घरात आहे. अगर जानता होता तो बता देता ना? उसी खुमारी से हम सिनेमा से सम्बंधित कुछ यादें ले आयें हैं. त्याने १७ ऑगस्ट २०१९ ला त्याच्याच उंचीच्या मुलीसोबत लग्न केले. मग ते कोणता व्यवसाय असो व कोणते काम. छोटू दादा Chotu Dada का यह कॉमेडी वीडियो लोगों को इतना पसंद आ रहा है कि वो कमेंट के जरिए इस पर रिएक्शन भी दे रहे हैं. आपातकाल के दौर में उन्होंने रणभेरी नाम की पत्रिका निकली थी. त्याच्या खानदेशी मुव्हीज ह्या युट्युब चॅनेलला १३ मिलियनपेक्षा जास्त सबस्क्रायबर्स आहेत. संगीता: कभी-कभी लगता है की मैं आपको समझ ही नहीं सकती You're so unpredictable! इस वीडियो में छोटू दबंग सलमान खान Salman Khan के अंदाज में नजर आ रहे हैं और अपनी हरकतों से फैन्स का भरपूर दिल जीत रहे हैं. उन्होंने केक काटा और पहला पीस मुझे पिताजी को खिलाया और उनका आशीर्वाद लिया फिर माँ को खिलाया और उनका भी आशीर्वाद लिया. आज रश्मि का निकाह के बाद पहला करवा चौथ था! छोटू दादासाठी हा प्रवासदेखील सोपा नव्हता. बदले में हिन्दू कब अपने मंदिरो या मठो को मुस्लिम त्योहारो में सजायेंगे? रोहिंगया मुस्लिमो पर रिपोर्टिंग करते समय, सऊदी अरब के द्वारा वहाँ के लोगो को वहाबिज्म की ओर धकेलने के तर्क को आपने किस हँसी मे खारिज कर दिया. बस हाथ आए मौके को पहचानें और मौके का फायदा उठाएं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो यूट्यूब पर कितने पॉपुलर हैं छोटू दादा उर्फ शफीक मूल रूप से महाराष्ट्र के मालेगांव से हैं. एक आलेख में प्रेम के संबंध में इन सभी के विचार और दृष्टिकोण को समेट पाना मुश्किल है। मैं हिंदी फिल्मों की अपनी यादों के प्रतिबिंबों के सहारे प्रेम के रूपों को रेखांकित करने की कोशिश करूंगा। माता-पिता, कवि, पैगंबर, उपदेशक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक अपनी-अपनी तरह से प्रेम को समझते हैं। हिंदी फिल्मकारों की भी अपनी समझ है। मदर इंडिया का प्रेम समय की धुंध हटाने के साथ मैं खुद को एक सिनेमाघर में पाता हूं। एक श्वेत-श… एक फिल्म में तीन प्रेम कहानियां बहरहाल, हिंदी लिखने और बोलने में बरती जा रही लापरवाही बचना ऐ हसीनों में भी दिखती है। शीर्षक में ही हसीनो लिखा गया है। फिल्म में राज और उसकी जिंदगी में आई तीन हसीनाओं की कहानी है। राज दिलफेंक किस्म का नौजवान है। लड़कियों को प्रेमपाश में बांधना और फिर उनके साथ मौज-मस्ती करने को उसने राजगीरी नाम दे रखा है। वह अपनी जिंदगी में आई माही और राधिका को धोखा देता है। उनकी मनोभावनाओं और प्यार की कद्र नहीं करता। फिर उसकी मुलाकात गायत्री से होती है। वह गायत्री से प्रेम करने लगता है। जब गायत्री उसका दिल तोड़ती है और उसके प्रेम को अस्वीकार कर देती है, तब उसकी समझ में आता है कि दिल टूटने पर कैसा लगता है? सैंपल टेस्टिंग के लिए केरल और प. भीड़ पागल की हालत में नारे लगाने लगती। प्रश्न इस नेता के आपत्तिजनक भाषण का नहीं है. धरती के सबसे खूबसूरत देश समझे जाने वाले स्विटजरलैंड से जब जेरेमी क्लार्क और मारी द्रोज ने भारत आने की तैयारी की थी तब निश्चय ही इस बात की तैयारी नहीं की होगी कि अफ्रीका के अंतहीन रेगिस्तानों और दक्षिण अमेरिका के भयावह, दुर्गम वनों में भटकते हुए बेयर ग्रिल्स को जिन जंगली जानवरों का सामना करना पड़ता है वो तो उन्हें भारत के एक भीड़ भाड़ भरे कस्बे के स्टेशन पर ही करना पड़ सकता है । तब उनके दिमाग में धरती के सबसे तिलिस्मी देश की अनजानी, अनदेखी छवि मात्र रही होगी । भौगोलिक विविधताओं से भरा देश, भीड़ भाड़, भेड़ियाधसान आबादी का देश । किले-मंदिरों, कंदराओं का देश । मस्जिदों, मकबरों का देश । नदियों, समंदरों. यह प्रश्न उठाने का गलत वक्त चुनाव है! गोया वो चौंसठ आसन की किताब कांख में दबाए चलती हैं इसलिए उनको धर लो, चांप दो, पटक दो । बलात्कार कर डालो तो बहुत उत्तम काम! ये सुन के आयुष और नेहा भी खुश हो गए! लेकिन क्या आपने कभी किसी सभा में भारत के टुकडे करने वाले कश्मीरी नारों के खिलाफ अन्य भाग के मुसलमानों को इतने गुस्से में देखा है. इस बार मैं आपकी कोई कसम नहीं मानने वाला, फिर भले ही मुझे आपके गुस्से का सामना करना पड़े I Love You and you're always my first priority! मैंने लेली … अब तुम भी अपनी अपनी जेबों की तलाशी लेलेना …. उत्तर प्रदेश के 51 जिलों मे अल्पसंख्यक सदभावना मंडप , मुस्लिम विवाह-समारोह भवन! देखरेख के लिए मुस्लिम स्टाफ भी नियुक्त करेगी उप्र सरकार! उन्होंने हाँ में सर हिलाया और चली गईं P. Windows Account: Time: 11 hours ago Location: Delhi, India Browser: Chrome 61. जो भी होगा मुस्लिम्स के लिए होगा ,यदि भारत मे रहना होगा तो इस्लाम कुबूल करना होगा! तो भाई बात यही हे की इन चतुर खोपड़ियों को इस बात की समझ थी की अगर वो भाजपा समर्थक साइट लाएंगे तो उसे कोई नहीं पूछेगा जैसे डायनासोर की साइट को कोई नहीं पूछता हे वजह ये हे की इन शातिरों को तो पता ही था की छी न्यूज़ और दूसरे कई चेनेल तो हे ही जेब में फिर नेट पर वैसे ही इस कदर पेड़ अनपेड प्रोपेगेंडा मशीन हे ही मोदी संघ भाजपा की , तो ऐसे में उनकी भाजपा समर्थक साइट को कौन पूछेगा सो उन्होंने भाजपा और हिन्दू कटटरपंथ विरोधी साइट निकाली और यही वजह भी हे की डायनासोर संघी को तकलीफ हुई की हमारे गुरु घंटाल दुनिया भर का माल लिए बैठे हे और हमें ही नहीं पूछते हे और ये वो लोग हे जो 2002 से हि मोदी को पि एम् बनाने के लिए गंद और सांपररदायिकता फैलाने में जुट गए थे मगर थे ये असली ही रियल तो होता ये हे की आजकल हर दूसरा बड़ा संघी और मोदी समर्थक पुराना प्रोपगेंडेबाज़ शिकायत करने लगा हे की हमें क्यों कोई नहीं पूछता हे —————? खेर एक बात और ऊपर जिस साइट का जिक्र किया जिसने सात क्रन्तिकारी मुस्लिम महिलाओ की बहुत ही बेहूदा लिस्ट पेश की थी मगर तीर सही निशाने पर लगा और खूब जूते चले और यही टोटल जूते बाद में टोटल टी आर पि में बदल गए क्या कर सकते हे आज हालात ही यही हे. उदाहरण के लिए आप ताबिश सिद्दीकी, मुबारक अली जैसे सोशल मीडिया पर मुखर व्यक्तियों को एक्सपर्ट की तरह आमंत्रित कर सकते हैं. कुछ सामान्य वर्ग के लोगों ने भी आरक्षण हटाने की मांग की! आप अपने आलेख यूनिकोड में पर भेजें. भारत की आजादी को लेकर अंग्रेजों ने बटवारे का पेंच फंसा दिया. देश मे सिर्फ बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या ही 10 करोड़ से ज़्यादा लमानी जाती है! Interval में जब हम दोनों popcorns लेने आये तो वहाँ मेरे ऑफिस की एक पुरानी collegue मिली साधना उसका नाम था; साधना: Hi Maanu! बर्मा के अशांत इलाक़े मे जहाँ रोहिंगया मुस्लिम रहते हैं, या पलायन कर रहे हैं, वहाँ हिंदू समुदाय उनके बीच अल्पसंख्यक है. संतुलित और अहम जुड़े मुद्दों से राजनीति और समाज के प्रति, जनता को जागरूक बनाने वाले पत्रकारों के इस अकाल मे आप उम्मीद है. इस्लामी कट्टरपंथ से लड़ने वाले तमाम ग्रुप जो दोहरे मापदंड वाले हैं, वो इसे एक ख़ास चुनौती नही दे सकते. छोटू दादा के इस नए वीडियो को अब तक 2 लाख 42 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. छोटू दादा उर्फ शफीक मूल रूप से महाराष्ट्र के मालेगांव से हैं. यहाँ कानून और आदर्शवाद बेशक लापता है,परंतु अपने कोर वोटर मुस्लिम को खुश रखने की दुर्दांत इच्छा का पता चलता है! Pawan Saxena 16 October at 17:46 · आदर्शवाद ले डूबेगा! संगीता: नहीं आप ये बताओ की अगर मेरी डिलीवरी होते समय ऐसा हुआ तो आप बच्चे को ही बचाओगे ना? रश्मि, एक कान्यकुब्ज ब्राह्मण,प्रोफेसर की पुत्री थी! तुम्हारे लिए कुछ भी कर जाऊँगा मत कर जुदा मुझे खुद से. हर तरफ सड़क पर बैठकर नमाज़ पढ़ते,सड़क के किनारे मूत्र-विष्ठा त्याग करते,अरबी -पाकिस्तानी-सीरियन शांतिदूत दिखाई देंगे! एक मेल अभी तक नहीं आई मेरे पास जिसने किसी इतिहास या किसी ग़लत रिफरेन्स के लिए मुझे टोका हो या जवाब माँगा हो. दिसम्बर , १९४७ को मुस्लिम लीग जो बँटवारे के बाद बचे-खुचे सदस्यों से बना रह गया था ने संविधान के प्रारूप में दो संशोधन प्रस्ताव रखे। पहला था —भारत में रहने वाले मुसलमानों के लिए अलग लोक सभा सीटों में आरक्षण। लेकिन दूसरा उस संकट में मुसलमान नेताओं की मनोदशा बताता है। यह संशोधन प्रस्ताव था —मुसलमानों को पृथक मतदाता श्रेणी में रखना याने सेपरेट एलेक्टोरेट — एक ऐसी मांग जो अंततोगत्वा फिर एक अन्य देश बनाने का मार्ग प्रशस्त करती. और एक बार जब जलालत सर से ऊपर निकल जाएगी तो लोगों को अमिताभ बच्चन से सहानुभूति होने लगेगी. रश्मि को रिपोर्टर अख्तर में अपना आदर्श भावी पति दिखाई दिया! पिछले दिनों बर्लिन में एक जेहादी ने ट्रक से कुचल कर दर्जनों जर्मनों को मार डाला था! चैनल के साथ रोजी-रोटी का नाता. मैंने उन्हें चुप तो करा दिया पर वो पलंग पे बैठ गईं और गुम-सुम हो गईं मैं: क्या हुआ बाबू? संगीता ये सुन के शर्मा गई और जाके माँ से लिपट के अपना मुँह छुपा लिया माँ: तू ना. इकलौती बेटी के विद्रोह से माँ बाप टूट गए! अंतिम बात यह है कि पात्रता,कुपात्रता, सामाजिक न्याय और बेरोजगारी के परिणामों जैसे आत्महत्या-अंडर इम्प्लॉयमेंट, ज़बरदस्ती गरीब बनाए जा रहे लोगों पर कोई विचार नही मिला! छोटू दादाने खूप चांगला अभिनय केला. छोटू दादाला आयुष्यातील पुढील वाटचालीसाठी मराठी गप्पा कडून हार्दिक शुभेच्छा. अत्यंत कारगर तरीके से प्रचारित सिंह इज किंग को ओपनिंग अपेक्षा से थोड़ी कम रही। शत-प्रतिशत ओपनिंग नहीं हो सकी। मुंबई में बारिश की वजह से दर्शकों को दिक्कत हुई। मुंबई में एक मल्टीप्लेक्स ने प्रति दिन 28 शो रखे और उतने दर्शक जुटा लिए। सिंह इज किंग के संबंध में समीक्षकों की मिश्रित प्रतिक्रिया है। उसकी वजह से ऐसा माना जा रहा है आने वाले दिनों में दर्शक कम होंगे। उससे वितरकों और प्रदर्शकों को थोड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि यह फिल्म भारी कीमत में सभी ने खरीदी है। फिल्म की लागत अधिक होने के कारण कलेक्शन की राशि को मुनाफा बनने में वक्त लगेगा। विपुल शाह खुश हैं कि उनकी फिल्म ने आरंभिक कलेक्शन के नए रिकार्ड बनाए हैं। अगली और पगली के प्रति बनी आरंभिक जिज्ञासा समाप्… हिन्दी टाकीज में इस बार नचिकेता देसाई । नचिकेता देसाई ने भूमिगत पत्रकारिता से पत्रकारिता में कदम रखा। पिछले २५ सालों में उन्होंने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसियों से लेकर हिन्दी और अंग्रेज़ी के विभिन्न अख़बारों में सेवाएँ दीं. साधना: ओह तो ये संगीता जी हैं? दोघांची जोडी खूपच सुदंर दिसत आहे. और हमें साथ देखेगी तो घबरा ना जाये! लिहाज़ा विवेक और तार्किकता जिद पर भारी नहीं पड़ सकती थी. जेरेमी क्लार्क की दोस्त द्रोज के साथ जबरन सेल्फी लेने पर उतारू मनचलों ने न सिर्फ उनके साथ बदतमीजी की बल्कि जान लेने की हद तक मारा पीटा । यह कल्पना करना भी असंभव है कि राह चलते किसी विदेशी महिला और उसके दोस्त को लोग लकड़बग्घों की तरह नोचने लगेंगे । क्लार्क की खोपड़ी तोड़ डाली,,उनके दिमाग में क्लॉट है । द्रोज का हाथ तोड़ डाला जिस्म पर दर्जनों ज़ख्म दिये । और ये सब मुहब्बत की महान इमारत से चालीस किलोमीटर दूर और हिन्दू, इस्लाम बौद्ध वास्तुकला के मणिकांचन योग से बनी फतेहपुर सीकरी में हुआ । कमाल है! मैं: अब भी आपको पूछना पड़ रहा है? मेरा दूसरा निष्कर्ष यह है कि जानबूझकर हमारी सरकारों और कुटिल राजनीतिक पार्टियों ने आरक्षण के तौर-तरीकों और उसके प्रभावों का कोई अध्धयन नहीं किया है,क्योकि इससे उन्हें प्रेशर कुकर के फटने का डर सताता है! पूरा परिवार फ़िल्म देखने जाता था. जिन्हें आरक्षण का लाभ मिल गया ,वह अपनी आने वाली 25 पीढ़ियों के आरक्षण के लिए प्राण तक छीनने पर आमादा हैं! हर फेस्टिवल मानाने का अलग ढंग होता है इनको भी इनके ढंग से मना लीजिये , फिर लगे हाथ मैंने कह दिया क्रिसमस में विवाद नही है ऑर्थोडॉक्स ईसाई जनुअरी में मनाते है तो बाकी दिसंबर में हिन्दूओ के कौन से फेस्ट को पुरे भारत में मनाया जाता है? और ये सुन के माँ, पिताजी और बच्चे जिन्होंने सर पे बर्थडे कैप पहनी थी वो पीछे से आये और संगीता को birthday wish किया! मुसलिम जनसंख्या विस्फोट, बांग्लादेशी,रोहिंग्या,अफगानी,नाइजीरियाई और नेपाली मुस्लिमों की घुसपैठ और आरक्षण भारत के अस्तित्व के लिए सबसे बड़े खतरें हैं! नई दिल्ली: छोटू दादा Chotu Dada के नाम से मशहूर कॉमेडियन शफीक Shafeeq अपने एक और वीडियो से दर्शकों का मनोरंजन करने आ गए हैं. और ेरे बारे में इतना सब कुछ कैसे जानती हो? अब बनारस में उन दिनों लड़कियां अकेली सिनेमा देखने नहीं जा सकती थीं. दरअसल यह उसूलों पर डटे रहने के साहस की कमी है. सपा की राज्य-सरकार ने खुद हिंडन नदी के डूब-क्षेत्र रिवर बेड की ज़मीन को अनाधिकृत रूप से अधिग्रहित किया! संगीता: उस लड़की ने फिर से मैसेज किया. It can download Vevo videos, age-restricted videos, region protected videos. प्रयोगशील और साहसी निर्देशक राम गोपाल वर्मा हर विधा में बेहतर फिल्म बनाने के बाद खुद के स्थापित मानदंडों से नीचे आ रहे हैं। डर लग रहा है कि एक मेधावी निर्देशक सृजन की वैयक्तिक शून्यता में लगातार कमजोर और साधारण फिल्में बना रहा है। फूंक रामू के सृजनात्मक क्षरण का ताजा उदाहरण है। पूरी फिल्म इस उम्मीद में गुजर जाती है कि अब डर लगेगा। काला जादू के अंधविश्वास को लेकर रामू ने लचर कहानी बुनी है। फिल्म की घटनाओं, दृश्य और प्रसंग का अनुमान दर्शक पहले ही लगा लेते हैं। फिल्म खतरनाक तरीके से काला जादू में यकीन करने की हिमायत करती है और उसके लिए बाप-बेटी के कोमल भावनात्मक संबंध का उपयोग करती है। रामू से ऐसी पिछड़ी और प्रतिगामी सोच की अपेक्षा नहीं की जाती। फिल्में सिर्फ मनोरंजन ही नहीं करती, भारतीय समाज में वे दर्शकों की मानसिकता भी गढ़ती हैं। एक जिम्मेदार निर्देशक से अपेक्षा रहती है कि वह मनोरंजन के साथ कोई विचार भी देगा। मुख्य कलाकार : सुदीप, अमृता खनविलकर, अहसास चानना, … छेल हुए फेल कैसे मान लें कि जो अच्छा लिखते और सोचते हैं, वे अच्छी फिल्म नहीं बना सकते? इतनी दुष्वारियों में अगर अभिषेक बच्चन गन्ने के खेत के सामने खड़े होकर यह कह दें कि ये जो आप देख रहे हैं, यह गन्ना है, और इनकी गांठें जब पक जाएंगी तो इसमें से शकरकंद निकलेंगे. वो बहु का अच्छे से ख्याल रखेगी! मोटे अफ्रीकी रैपर की तरह शकल बनाए घूमते हैं, स्टार किड वाला दौर उनका जा चुका है, जो उनके पिता की अगली पीढ़ी देखने का कोई रोमांच बचा हो, ऊपर से अमिताभ बच्चन से ज्यादा कादर खान की औलाद लगते हैं, तो कादर खान का खुद का लड़का नहीं चला तो डुप्लीकेट लड़के को पब्लिक क्यों देखेगी. दरअसल शिया हो सुनी हो या हिंदू, ईसाई. छोटू ने सलमान खान Salman Khan की 'दबंग 3 Dabangg 3 Move Spoof ' को लेकर जो स्पूफ वीडियो बनाया है, उसमें उन्होंने दबंग से जुड़ा हर मसाला डाला है. तुमने न सिर्फ उन्हें पीटा है बल्कि ऐलान कर दिया है कि हिन्दुस्तान जाहिल… बर्बर… भुक्खड़ों का देश है, जहां कभी भी कुछ हो सकता है । इस देश की ओर दुबारा नजर उठाकर मत देखना! जब तक गाय बन खूँटे से बधे रहोगे ज़बरदस्ती दुहे ही जाओगे…. सेमिटिक धर्मों की यह एक बड़ी समस्या है उनकी प्रतिबद्दता में राष्ट्र नहीं है. हिटलर जैसे निहायत मज़बूत क्रूर राष्ट्रभक्त-ताना शाह के देश को केचुए की गति से मरते हुए देख कर मुझे भारत के इतिहास की पुनरावृत्ति होती दिखाई दे रही है! और खोपड़ी तुड़वा कर लौटो अपने देश! इनका और हमारा कुरआन एक है , जो इनका खुदा वो हमारा खुदा……. उनकी कोई पिक्चर आती है तो एक तो उनको पहचानना मुश्किल. Sanjay Tiwari 47 mins · बीते एक हफ्ते में पाकिस्तान से दूसरे सामूहिक धर्मांतरण की खबर आयी है। पाकिस्तान के सिन्ध इलाके में जहां अब मुश्किल से कुछ लाख हिन्दू आदिवासी और दलित बचे हैं इस वक्त उनको बड़े स्तर पर धर्मांतरित करने की मुहिम चल रही है। बीते हफ्ते पहले एक हजार हिन्दुओं का सामूहिक धर्मांतरण करवाया गया और अब दो सौ हिन्दुओं को मुसलमान बनाया गया है। इस काम में पाकिस्तान का हर महमका लगा हुआ है। राजनीतिक दल, मजहबी जमातें, सेना, पुलिस सभी बहुत कोआर्डिनेटेड तरीके से इस काम को अंजाम देते हैं। ताजा मामला ये है कि सिन्ध से जिन दो सौ लोगों के धर्मांतरण की खबर आई है उसमें नवाज शरीफ की पार्टी के स्थानीय नेता भी मौजूद थे। आप क्या कर सकते हैं? बेटी जनित बदनामी और बेवफाई को माँ बर्दाश्त न कर सकीं! क्या आपके पास चन्दे या पैसों की कमी है? बच्चे उठते बैठते, खाते पीते अपने अभिभावकों को प्रश्न वाचक दृष्टि से देखते रहते कि उन्हें हम कब फ़िल्म दिखाने ले जा रहे हैं. हम तो अपनी सेकुलर खाल बचाने में लगे हुए हैं। हम तो बोल ही नहीं सकते। ये उनका अंदरूनी मामला जो ठहरा। वैसे भी बोलने के लिए आदमी के पास विजन होना चाहिए। यहां के विजनरी तो धनिया मिर्चा बेचने में बिजी हैं, इनको फुर्सत कहां है? बस यही कहानीं जर्मनी में दोहराई गई! ओबीसी संवर्ग के मेरे एक अनुज ने कहा कि इसको फौरन हटाया जाए ,मगर सिर्फ एक ने, सिर्फ! अल्पसंख्यक होने की वजह से, भले ही मुस्लिम कट्टरपंथी, भारतीय राजनीति मे हावी ना हो पाए, लेकिन असुरक्षा का भाव, बहुसंख्यक तबके मे डालने मे सफल हुए है. जब छोटा था तो, फ़िल्म देखना हमारे लिये उत्सव जैसा होता था. त्याने दहावी पर्यंतच शिक्षण घेतले, घरातील प्रॉब्लेम्समुळे त्याला अर्ध्यातच शाळा सोडावी लागली. परंतु रश्मि को उम्मीद थी कि अख्तर शाम को जब लौटेगा तो करवा चौथ व्रत की महत्ता और उसके पीछे छुपी भावना के तहत उसका पक्ष लेकर उसे व्रत पूर्ण करने के लिए रश्मि का पक्ष लेगा! ऐसा नहीं है कि जर्मनी में दक्षिणपंथी आवाज़े नहीं हैं, परंतु वह भी भारत की तरह बिखरी और बटीं हुई हैं! वैसे भी खुल कर, वहाबीज्म से लड़ने वाले लोग कम ना के बराबर ही है, सुन्नी देवबंदी तबके मे. मैं आपको रोज आते-जाते हुए देखती हूँ! इस वीडियो को यूट्यूब पर लगभग 28 लाख बार देखा जा चुका है. मैंने अपनी हैरानगी दिखाई पता नहीं? त्याच्या आयुष्यात एकदा अशी सुद्धा वेळ आली होती कि त्याने विचार केला होता कि माझ्या कमी उंचीमुळे मी जगातील कोणत्याच कामाचा नाही आहे. GenYoutube is based on super fast script which can handle a number of downloads simultaneously. क्यों कोई विदेशी इस दरिद्र देश में घूमने आएगा? बचपन में धार्मिक फ़िल्में देखने ही जाया करते थे. भारत के 2009 के चुनाव याद कीजिए ,देश आतंकी हमलों,घोर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण से ग्रसित था ,परंतु मनमोहन सरकार पुनः जीतकर सत्ता में आ गई थी! प्रश्न उठाने की ताकत खो चुके हैं यह लोग! परंतु एक भी जेहादी को दंड नही दिया जा सका! कुछ ने मुझे कांग्रेसी करार दे दिया! विमल वर्मा ने वादा किया है की वे बाद में विस्तार से लिखेंगे,तब तक के लिए पेश है. मैं जानता था संगीता के अंदर जलन की आग भड़क चुकी है पर मैंने फोन नहीं उठाया अलबत्ता काट दिया और फोन स्विच ऑफ कर दिया जब मैं बाहर आया तो संगीता गुस्से में तमतमा रही थी मैं: क्या हुआ? त्याने जितक्यावेळा सुद्धा नवीन काहीतरी करायचा प्रयत्न केला तितक्या वेळा त्याला अपयश येत होते. पर आज अपने चेक शर्ट क्यों पहनी? मुसलमानो को आधुनिकता का उदारता सेकुलरिज्म का पाठ पढ़ाने वाले सोशल मिडिया से लेकर केबिनेट तक सारे शिया या तो फिर बरेलवी बोहरा आदि ही मिलेंगे वैसे ये खूब बढ़ चढ़ कर लिखते हे मगर अपने समाजो पर इनकी कलम खामोश रहती हे ताकि अपने यहाँ अलोकप्रिय ना होना पड़े————-? और अभिषेक बच्चन को सफलता के लिए चाहिए भी क्या, नहाने का साबुन और दाढ़ी बनाने का ब्लेड बस. नई दिल्ली: सलमान खान Salman Khan की 'दबंग 3 Dabangg 3 ' रिलीज हो गई है, और फैन्स का इसे जबरदस्त साथ भी मिल रहा है. इस कड़ी को कम से कम १०० तक पहुँचाना है. ऐसा तो नही हो सकता कि आप की नज़र इस पर पड़ी ही नही हो. प्रत्येक मंडप का क्षेत्रफल कम से कम 4 एकड़ होगा! तुम लोग आदमी कहलाने के लायक नहीं हो! लेकिन सारा मसाला छोटू के अंदाज वाला है और छोटू के फैन्स को यह वीडियो खूब पसंद भी आ रहा है. ताज महल को ओवैसी की ज़रुरत नहीं है. उन्होंने चवन्नी का आग्रह स्वीकार किया और यह सुंदर आलेख भेजा. इन शिविरों मे पीड़ित हिंदू और उनके साथ क्रूरता करने वाले मुस्लिम कट्टरपंथी भी साथ रह रहे हैं. इस वीडियो में अपनी कॉमेडी से उन्होंने लोगों को लोटपोट कर दिया है. लोकांना त्याचा अभिनय आणि कॉमेडी इतकी आवडू लागली कि आजच्या घडीला तो ४ प्रोडक्शन हाऊस मध्ये काम करतो. और उसके बाद अभिसार शर्मा पर दो करोड़ लोगों ने मजाकिया और प्रतिकूल टिप्पणियां कीं. हर वक्त कई चीज़ें करने का मन करता है। हर वक्त कुछ नहीं करने का मन करता है। ज़िंदगी के प्रति एक गंभीर इंसान हूं। पर खुद के प्रति गंभीर नहीं हूं। मैं बोलने को लिखने से ज़्यादा महत्वपूर्ण मानता हूं क्योंकि यही मेरा पेशा भी है।. हिन्दू जिस भी पार्टी को वोट देंगे वो भी तो हिन्दू ही होगा । हिन्दू साम्प्रदायिकता से थोड़े ऊपर उठ रहे है जो खुश होना बनता है तुम्हारा। हिन्दू बीजेपी के बदले कांग्रेस को या आप को , कांग्रेस के बदले बीजेपी को दे या मुलायम को या मायावती को , देंगे तो हिन्दू को ही , कोई अयूब अंसारी ,ओवैसी , रशादी या अजमल साहेब या किसी अन्य मुस्लिम को थोड़े ही देंगे वोट । तो फिर उछलना बेकार ही है , हा जब हिन्दू भी मुस्लिम के तरह सेक्युलर बन सके और दूसरे धर्म के नेता को समथर्न देना शुरू करे तब इंसानियत के कारण खुश हुआ जा सकता है ।बाकि जबतक हिन्दू सेक्युलर नही बनता तब तक ये उछल कूद पूरी तरह बकवास है।Sarfraz Katihari Yesterday at 16:58 · भारत का सेकुलरिज्म जो 26 नवेम्बर 1949 को अंगीकृत हुआ संविधान जो के 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ वो सबको अपने धर्म अनुसार चलने की आजादी, सबको सुरक्षा- सम्मान , प्रतिनिधित्व और अपने विचार के संवर्धन propagation की बात करता है । मैं उस संविधान को मानने वाला हु, उसके अनुसार सेक्युलर हु , आप शातिरों को भी उसी अनुसार सेक्युलर बनना होगा ना के शातिर हिंदूवादी। आपने सेकुलरिज्म के नाम पे पिछले 70 सालो में जो कुछ गंध फैलाया है निचे उसकी कुछ बानगी भर है :- ……………………. देखो आप मेरी तरफ से एक मैसेज टाइप करो और कहो की कल आपसे मिलना चाहता हूँ संगीता: हैं? त्यामुळे त्याने छोटू दादाला एका शॉर्टफिल्म मध्ये संधी दिली. सरकारी रिकार्ड के अनुसार 18 लाख कथित मुस्लिम शरणार्थी हैं जर्मनी में,मगर समुद्री रास्तों और अन्य देशों के माध्यम से घुसे इन जेहादियों की संख्या संभवतः 30 लाख से ऊपर हो सकती है! मुझे काफी हद तक यह बच निकलने का तरीका लगता है.。 。 。 。 。

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Khandesh ka DADA part 53 छोटू दादा की शादी वाला दिन

छोटू दादा रिक्शावाला

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छोटू की दौड़

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Chotu Ki Dabangg 3 Movie Spoof Video Salman Khan Dabangg 3 Spoof

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